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Virat kohli

  विराट कोहली की बायोपिक अध्याय 1: शुरुआत विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता प्रेम कोहली एक क्रिकेट प्रेमी थे और उन्होंने विराट को बचपन में ही क्रिकेट खेलना सिखाना शुरू कर दिया था। विराट कोहली में क्रिकेट के लिए एक प्राकृतिक प्रतिभा थी और उन्होंने जल्दी ही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। विराट कोहली ने दिल्ली के लिए अंडर-14 और अंडर-19 स्तर पर क्रिकेट खेला। उन्होंने अपने अंडर-19 करियर में कई शतक और अर्धशतक बनाए और जल्द ही भारतीय क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। अध्याय 2: अंतरराष्ट्रीय डेब्यू विराट कोहली ने 2008 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में 12 रन बनाए। उन्होंने अगले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। उन्होंने अपने टेस्ट डेब्यू मैच में चार रन बनाए। अध्याय 3: उदय विराट कोहली ने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट शतक बनाया। उन्होंने अगले साल श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला वनडे शतक बनाया।...

GHOGHA GHOGHA GHOSLAD ઘોઘા ઘોઘા ઘોસલા યાદ છે ?

ઘોઘા ઘોઘા ઘો’સલામ નાથી ભાઇ નાં વીસ સલામ ટોકરી નો ટમકો ઘૂઘરી નો ઘમકો પરે પટોળીયે પોઢે છે ગોદડીયા ને ગોળી વાઇ’ગી જાય ગોદડીયો ભાઇ’ગો દિકરી દિકરી દિવાળી સોના ની ઘાઘરી સીવાણી તેલ દ્યો, ધુપ દ્યો, બાવા ને બદામ દ્યો ઘોઘા ની સીખ,  મારી YouTube ચેનલ "VIRAL VISTA KNOWLEDGE" ને LIKE, SHARE, SUBSCRIBE કરો. નવરાત્રી શરૂ થઈ ગઈ છે, આજથી 35 વર્ષ પહેલા ભૂલાઈ ગયેલ પરંપરાને યાદ અપાવવા, હું આવી જ રીતે તમારા પાસે ઘોઘા ફેરી માટે આવીશ, આપ સૌને શુભ નવરાત્રી સાથે "જય માતાજી" નમસ્તે, હું છું PRITI RAVAL , અને તમે જોઈ રહ્યા છો "VIRAL VISTA KNOWLEDGE" YOUTUBE CHANNEL. બાળપણની નવરાત્રીની યાદો – ઘોઘા ઘોઘા ઘોસલા યાદ છે?, આજે, આપણે ગુજરાતની એક જૂની પરંપરા વિશે વાત કરીશું, જેને ગોઘા ફેરી કહેવામાં આવે છે. આ પરંપરા નવરાત્રિ દરમિયાન થતી હતી, જ્યારે નાના બાળકો ગોઘા લઈને ઘર-ઘર જતા હતા અને ગોઘાની સિખ માગતા હતા. ગોઘા એક પ્રકારનું નાનું રમકડું હતું, જે સામાન્ય રીતે લાકડા અથવા પ્લાસ્ટિકથી બનાવવામાં આવતું હતું. તે એક ઘોડાના આકારનું હતું, અને તેની પીઠ પર એક નાનું બેસણું હતું. ગોઘા ફેરીની પરંપરામાં,...

How to earn by animation

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नमस्कार दोस्तों! आज हम एक ऐसे रोचक और लाभकारी क्षेत्र के बारे में चर्चा करेंगे जहां आप एनिमेटेड कार्टून स्टोरी बनाकर यूट्यूब चैनल से पैसे कमा सकते हैं। एनिमेशन एक ऐसा माध्यम है जो आपको अपनी सर्वोत्तमता को प्रदर्शित करने का अवसर देता है और साथ ही साथ आय भी उत्पन्न करने का। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप एनिमेटेड कार्टून स्टोरी बनाने की शुरुआत कर सकते हैं और इससे पैसे कैसे कमा सकते हैं। सबसे पहले, एनिमेटेड कार्टून स्टोरी बनाने के लिए आपको कुछ टूल्स की आवश्यकता होती है। आप Adobe Animate, Toon Boom, या फिर Blender जैसे सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन टूल्स में आपको एनिमेशन बनाने, कैरेक्टर्स डिज़ाइन करने और सीन बनाने का मौका मिलता है। आप इन टूल्स को सीखकर अपने एनिमेशन कौशल को विकसित कर सकते हैं। एक अच्छी एनिमेटेड कार्टून स्टोरी का आधार हमेशा कहानी होता है। आपको एक जुटाव करने वाली कहानी लिखनी होगी जिसे आप एनिमेट करके दर्शकों को मनोरंजन करा सकें। आपको कैरेक्टर्स को गहराई देनी होगी, विवाद पैदा करना होगा, और भावनात्मक जुड़ाव बनाना होगा। एक आकर्षक कहानी से दर्शक आपके चैनल पर ...

A journey of Jagdish Trivedi : Gujarati comedian and social worker

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नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन में एक असाध्य परिवर्तन किया और अपनी प्रतिभा से दरिद्र ब्राह्मण की पहचान को गलत साबित किया। यह कहानी है दानवीर जगदीश त्रिवेदी की, जो ब्राह्मण हैं और सुरेंद्रनगर के वासी हैं। उनका जीवन एक अद्भुत सफर है, जिसमें कॉमेडी कलाकार से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता बनने तक का सफर है। जगदीश त्रिवेदी का जीवन: जगदीश त्रिवेदी का जीवन एक सामान्य ब्राह्मण के रूप में शुरू हुआ। वे अपने शौक और प्रतिभा के लिए जाने जाते थे। कॉमेडी उनका पैशन था, और वे कई वर्षों तक स्टेज पर हंसी मजाक फैलाते रहे। लेकिन कुछ समय पहले, उनके जीवन में एक परिवर्तन आया। सामाजिक कार्यकर्ता बनने का निर्णय: जगदीश त्रिवेदी ने सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देने का फैसला किया। उन्होंने देखा कि उनके जीवन में कुछ अद्भुत करने का समय आ गया है। सुरेंद्रनगर में उन्होंने एक स्कूल बनाया, जहां हर एक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। इसके साथ ही, उन्होंने एक पुस्तकालय भी शुरू किया, जिससे लोगों को ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला। उनका उद्देश्य था समाज को श...

अयोध्या राम मंदिर निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री

  अयोध्या राम मंदिर निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री अयोध्या राम मंदिर का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया जा रहा है। मंदिर की ऊंचाई 161 फीट होगी और इसमें पांच शिखर होंगे। मंदिर के निर्माण में निम्नलिखित सामग्री का उपयोग किया जाएगा: लाल बलुआ पत्थर: मंदिर के निर्माण में मुख्य रूप से लाल बलुआ पत्थर का उपयोग किया जाएगा। यह पत्थर उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में पाया जाता है। स्टील: मंदिर की संरचना को मजबूत करने के लिए स्टील का उपयोग किया जाएगा। सोना: मंदिर के शिखर पर सोने का छल्ला लगाया जाएगा। सीमेंट: मंदिर की नींव और अन्य संरचनाओं के निर्माण में सीमेंट का उपयोग किया जाएगा। लकड़ी: मंदिर के दरवाजे और खिड़कियों के निर्माण में लकड़ी का उपयोग किया जाएगा। कांस्य: मंदिर के घंटियों और अन्य धातु के सामानों के निर्माण में कांस्य का उपयोग किया जाएगा। सामग्री की मात्रा मंदिर निर्माण में निम्नलिखित मात्रा में सामग्री का उपयोग किया जाएगा: लाल बलुआ पत्थर: 5,00,000 घन फीट स्टील: 10,000 टन सोना: 100 किलोग्राम सीमेंट: 1,00,000 टन लकड़ी: 1000 क्यूब...

अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास 5 अगस्त 2020

अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। शिलान्यास के लिए लाल बलुआ पत्थर से बना एक बेस तैयार किया गया था, जिसमें भगवान राम की मूर्ति स्थापित की गई थी। शिलान्यास के बाद, मंदिर निर्माण का काम शुरू हुआ। राम जी की मूर्ति का अनावरण 15 अगस्त 2022 को हुआ था। मूर्ति का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। मूर्ति 12 फीट ऊंची और 10 टन वजनी है। मूर्ति को राजस्थान के मथुरा में बनाया गया था। शिलान्यास की तारीख: 5 अगस्त 2020 शिलान्यासकर्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम जी की मूर्ति का अनावरण: 15 अगस्त 2022 राम जी की मूर्ति का अनावरणकर्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मूर्ति की ऊंचाई: 12 फीट मूर्ति का वजन: 10 टन मूर्ति का निर्माण स्थान: मथुरा, उत्तर प्रदेश

AAYODHYA RAM MANDIR- अयोध्या मन्दिर निर्माण की कहानी

  अयोध्या मन्दिर निर्माण की कहानी अध्याय 1: विवाद की शुरुआत कुछ इस तरह है है, अयोध्या, उत्तर प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक शहर है। यह शहर भगवान राम के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है। 16वीं शताब्दी में, मुगल सम्राट बाबर ने यहां एक मस्जिद का निर्माण किया, जिसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता है। हिंदुओं का मानना ​​था कि मस्जिद का निर्माण भगवान राम के मंदिर के स्थान पर किया गया था। 1989 में, हिंदू संगठनों ने बाबरी मस्जिद को तोड़ने के लिए एक आंदोलन शुरू किया। 6 दिसंबर, 1992 को, हजारों हिंदू कार्यकर्ताओं ने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। इस घटना ने भारत में सांप्रदायिक हिंसा को जन्म दिया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। अध्याय 2: न्यायालय का फैसला 1994 में, अयोध्या विवाद पर सुनवाई शुरू हुई। 2010 में, उच्चतम न्यायालय ने फैसला दिया कि बाबरी मस्जिद का निर्माण भगवान राम के मंदिर के स्थान पर किया गया था। न्यायालय ने मस्जिद को ध्वस्त करने के लिए हिंदू कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया, लेकिन उन्होंने मंदिर के निर्माण के लिए भी फैसला सुनाया। अध्याय 3: निर्माण की शुरुआत 2020 में, अयोध्या में राम मंदिर क...

MODI GOVERNMENT 2020 और 2021 में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए 10 बड़े बुनियादी ढांचे परियोजनाएं

  2020 और 2021 में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए 10 बड़े बुनियादी ढांचे परियोजनाएं प्रस्तावना 2020 और 2021 में, नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत में बुनियादी ढांचे के विकास पर अपना ध्यान जारी रखा। इस अवधि के दौरान, सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शुरू किया या पूरा किया। 2020 में शुरू की गई परियोजनाएं 1. स्वच्छ भारत मिशन 2.0 स्वच्छ भारत मिशन 2.0 भारत को एक पूर्ण रूप से स्वच्छ देश बनाने की योजना है। इस मिशन के तहत, भारत में खुले में शौच को समाप्त करने और सभी घरों को सीवर कनेक्शन प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। 2. मेट्रो रेल परियोजनाएं नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत में मेट्रो रेल परियोजनाओं के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए। इन उपायों के परिणामस्वरूप, 2020 में, भारत में मेट्रो रेल सेवाओं की संख्या 26 से बढ़कर 30 हो गई। 3. स्मार्ट सिटी परियोजना स्मार्ट सिटी परियोजना भारत में 100 शहरों को आधुनिक और बुनियादी ढांचे से सुसज्जित बनाने की योजना है। इस परियोजना के तहत, शहरों में सड़कों, परिवहन, बिजली, और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। 20...